Friday, October 28, 2016

शुकराती आइसँ शुरु , आई धनतेरस

कातिक १२, जनकपुरधाम । हिन्दुसबहक पावनि शुकराती आइसँ शुरु भेल अछि । कातिक कृष्ण त्रयोदशीस कातिक शुक्ल द्धितियाधरि पाँच दिनधरि मनाओल जायबला शुकरातीके यमपन्चक सेहो कहल जाइत अछि ।


यमपन्चक पहिल दिन आइ तिथिअनुसार दियाबातीके पहिल दिन कौवाके पुजा कएल जारहल अछि । वैदिक मान्यताअनुसार कौवाके सन्देश वाहकके रुपमे कानल जाति अछि । अहिना काल्हि भिन्सरसँ कुकुरके पूजा कएल जाएत । रबिके राति दोकान, सँस्था तथा घर घरमे धनक देबी माता लक्ष्मीके सेहो पुजा कायल जाएत । ओहि रातिभरि दिबौरी बारि फटाका फोरैत हर्षोउल्लासके सँग लक्ष्मी माताके पुजन क दियाबाती मनाओल जाएत । सोमके गाइके पुजा अर्थात गोबर्धन पुजा सेहो कएल जाएत तऽ मँगलदिन भाइ बहिनक पावनि भरदुतिया मनाओल जाएत ।


अहि वर्षक भरदुतियाके टिका लगाबयके शुभ समय कात्तिक १६ गते भिन्सर ११ बाजि कऽ ५२ मिनेटमे रहल समिति जनौलक अछि । दिदी बहिनसब अपन भाइ भैयाके सुस्वास्थ्य, दीर्घायु तथा अटल सौभाग्यके कामना करैत माथमे टिका लगाबयके चलन अछि । एम्हर दियाबातिके लऽ लोकसब किछदिन पहिनेहिसँ अपन अपन दोकान घर तथा कलकारखाना सब धो पखारि कऽ साफ सुथरा केने अछि ।


अहिबिच, आई धनतेरस सेहो अछि । आजुक दिन धातुके समान किनलासँ घरमे लक्ष्मी माताक बास होयबाक जनबिश्वास सेहो रहल अछि ।  आजुक दिन जनकपुर सहित नेपाल भारतक बिभिन्न ठामक बजारसबमे धातुके समान तथा सोनचाँदी किनबाक लेल बिशेष भिड दखल जाऽ रहल अछि । धनतेरशके लऽ स्थानिय ब्यापारीसब सेहो ओतबे उत्साहित देखलगेल अछि । आजुक दिन आन दिनक अपेक्षा बेसी आम्दानी होयबाक ब्यापारीसब बतौलक अछि ।

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