Thursday, December 15, 2011

सूचना प्रविधि आयोग खारेजी फिर्ता नहि हाएत विज्ञान मन्त्री धमला


प्रकाश सुन्दास

२९ अगहन काभ्रे । विज्ञान मन्त्री कल्पना धमला सरकार केने सूचना प्रविधि उच्चस्तरिय आयोग खारेजी फिर्ता नहि हाएत बतौलिह अछि ।

आइसँ काभ्रेके बनेपामे शुरु भेल मिदास क्यान इन्फोटेक २०६८ के उद्घाटन करैत ओ इ बतौलिह अछि । बिसौ वर्ष आगु गठन भेल आयोग सोचल जेहन उपलब्धि हासिल करय नहि सकलाबाद बाध्य भऽ क खारेजी करय परल मन्त्री धमलाक कहब छलनि । सूचना प्रविधि उच्चस्तरिय आयोग खारेज होइतो मन्त्रालय जीविते रहल बतबैत ओ सूचना प्रविधिके क्षेत्रमे मन्त्रालय ठोस नीति लावयके  तयारी कऽ रहल बतौलनि ।

सूचना प्रविधि उच्चस्तरिय आयोग खारेजीके विषयके लऽ काल्हि बैसल व्यवस्थापिका संसदके विकास समिति प्रधानमन्त्री वाबुराम भट्टराइके समितिमे बजौने अछि । संसदीय समितिक निर्देशन उल्लङ्घन केनाइ गम्भीर विषय रहल कहैत समिति पुस ४ गते भिन्सर प्रधानमन्त्रीके बजावयके निर्णय केने छल । मन्त्री धमलाके सिफारिसमे सरकार बितल २६ गते आयोग विघठनके निर्णय केने छल ।

अहिबीच काभ्रेके बनेपामे रहल आइटी पार्कके पूर्ण रुपमे सञ्चालन करय मन्त्रालय गृहकार्य कऽ रहल समेत मन्त्री धमला जानकारी करौलनि ।

बैद्य प्रधानमन्त्री भट्टराईके हटावयके प्रस्ताव लऽ जेताह


२९ अगहन काठमाण्डौ । एकीकृत नेकपा माओवादीक उपाध्यक्ष मोहन बैद्य किरण आगामी केन्द्रीय कमिटिक बैसारमे प्रधानमन्त्री डा बाबुराम भट्टराईके हटावयके प्रस्ताव लऽ जाएब बतौलनि अछि ।

रिपोर्टर्स देने अन्तर्वार्तामे उपाध्यक्ष बैद्य प्रधानमन्त्री भट्टराईके नेतृत्वमे काग्रेस आ एमाले सहभागी भऽ  सहमतिके सरकार बनयके सम्भावना नहि रहलासँ प्रधानमन्त्रीके हटावयके प्रस्ताव केन्द्रीय कमिटिमे लऽ जाएके तयारी केने बतौलनि अछि । आगामी सहमतिके सरकारक नेतृत्व महासचिव रामबहादुर थापा करत दावी करैत अहि विषयमे अध्यक्ष प्रचण्डसँग सहमति भऽ चुकल आ आगामि पदाधिकारी, स्थायी समिति आ केन्द्रीय कमिटिक बैसारमे एहन प्रस्ताव उपर बिमर्श हाएत बतौलनि ।

उपाध्यक्ष बैद्य भट्टराई नेतृत्वक सरकार केने राष्ट्रघाती विप्पा सम्झौता आगामि केन्द्रीय कमिटिक बैसारसँ अस्विकार करयके दावी करैत मधेसी मोर्चासँग भेल ४ बुँदे सम्झौता सच्याबके या खारेज कऽ क आगु बढयके धारणा रखलनि । बाहर आएल जका अपनाके पदके लोभ नहि रहल  स्पष्ट करैत अपने कार्यबाहक अध्यक्ष नहि बनब सेहो ओ बतौलनि ।

फेसबुक आत्महत्यासँ बचाओत - बिज्ञान


फेसबुक आब आदमीसबके आत्महत्या करयसँ बचावय नयाँ व्यवस्था सुरु केलक अछि, जाहिके माध्यमसँ काउन्सलरसँग अनलाइनमे च्याट कएल जाऽ सकैय । फेसबुकके प्रवक्ता फ्रेडरिक वोलन्स कहलनि जे-हरेक रिपोर्टके साथ एक विकल्प देल जाएत, जाहिमे क्लिक करिते कम्पनीके सामाग्री लिखयबला व्यक्ति आत्महत्या करयके सोचमे अछि से जानकारी भऽ जाएत ।

फेसबुकके अनुसार एहन जानकारी पबिते ओ व्यक्तिके एक लिङ्क पठाओल जाएत, जाहिमे ओ काउन्सलरसँग बातचित करय सकत । एहन नयाँ व्यवस्थासँ समस्यामे परल तथा काउन्सलरधरि जाए नहि सकयबलासबके सहयोग पहुँचत कम्पनीक विश्वास अछि । प्रवक्ता कहलनि जे-हमसब इ मुद्धामे लम्बा समयसँ काज कऽ रहल छलौ आ एहन व्यवस्थाके विकासमे जुटल छलौ ।

हुनक अनुसार किछ व्यक्ति अपन साथीके व्यवहारके बारेमे जानकारी देत तऽ ओ व्यक्तिके सेहो सन्देश देल जाएत, जाहिसँ समस्या सोझराबय दिस आवश्यक कदम उठाओल जाऽ सकैय ।फेसबुकके लाखौं प्रयोगकर्ता अछि आ कतेकौ बेर आदमीसब फेसबुकमे आत्माहत्या करय आगु टिप्पणी लिखैत आएल अछि । तत्कालके लेल इ सुविधा अमेरिका आ क्यानडामे मात्रे अछि ।

अमेरिकामे हरेक दिन औसतमे सय गोटे आत्महत्या करैत अछि । बितल वर्षमात्रे १८ वर्ष सँ उपरके करिव ८० लाख आत्महत्याके बारेमे सोच्ने विभिन्न अध्ययन देखौलक अछि ।

ताप्लेजुङमे फेउर आएल भूकम्प


२९ अगहन, ताप्लेजुङ । ताप्लेजुङमे बितलराति २ बाजि कऽ तीन मिनेटमे भूकम्प आएल अछि ।

कञ्चनजंघा हिमालके केन्द्रबिन्दु बना कऽ ४ दशमलब ९ रेक्टर स्केलके भूकम्प आएल राष्ट्रिय भूकम्प मापन केन्द्र जनौलक अछ । इ समाचार तयार करयधरि भूकम्पसँ कोनो मानवीय तथा भौतिक क्षति नहि भेल जिल्ला प्रहरी कार्यालय ताप्लेजुङ जनौलक अछि । अहिसँ आगु बितल आसिन १ गते वायह क्षेत्रके केन्द्रबिन्दु बना कऽ आएल ६ दशमलब ९ रेक्टर स्केलके भूकम्पक कारण पैघ धनजनके क्षति भेल छल ।

सम्पत्तिमे हदबन्दी नहि लागत


काठमाडौ, अगहन २९ । व्यक्तिगत सम्पत्तिके सिमा नहि तोकयके विद्यमान व्यवस्थाके नयाँ संविधानमे निरन्तरता देवयकमे दलसब सहमत भेल अछि ।

आइ सिंहदरवारमे बैसल विवाद समाधान उपसमितिक बैसारसँ व्यक्तिगत सम्पत्तिमे हदबन्दी नहि लागयके सहमति केलक अछि ।

सरकार जमिनमे हदबन्दी लगावय सकयके मुदा ओइके लेल मुआब्जा देवयके दलसबबीच सहमति भेल समिति सदस्य जनशक्ति पार्टीक नेता प्रकाशचन्द्र लोहनी बतौलनि । माओवादी व्यक्तिके सम्पत्ति आ भूमि उपर हदबन्दीके माँग करैत आएल छल ।

युद्ध अपराध, मानवता विरोधी आमनरसंहार जेहन घट्नाके सम्बोधन करय अलगे कानुन बनावयमे सहमति जुटल अछि । आब विवादित बुँदा १६ टा मात्रे अछि ।

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