२७ चैत, काठमाडौं । प्रधानमन्त्री झलनाथ खनाल अन्हार कोठलीमे शान्ति आ संविधान बनय नहि देबयके जनविरोधी षडयन्त्रसभ भऽरहल बतौलनि अछि ।
रत्न स्मृति दिवसक अवसरमे आइ राजधानीमे आयोजित कार्यक्रममे प्रधानमन्त्री खनाल जनविरोधी षडयन्त्रसभके चिरैत देशके शान्ति आ संविधान दऽ छोड्यके दृढता व्यक्त कएलनि । ओ कहलनि जे क्षडयन्त्रके माकुराके जालसभ हावाके सामान्य झोंकास सेहो चकनाचुर हाएत ।’
देशके शान्ति आ संविधान देबयके आत्मविश्वास सरकारसँग रहल कहैत ओ शान्ति प्रक्रिया आ संविधान निर्माणमे सरकारके सहयोग करयके आहृवान कएलनि । संक्रमणकाल लम्बा भेलाबाद थप भऽरहल जटिलता आ दलसभबीच विद्यमान असमझदारीसँ शान्तिप्रक्रिया आ संविधान निर्माण पूरा नहि हाएत कि जनस्तरमे चिन्ता रहल हुनक कहब छलनि ।
नेपाल गरिब नहि कि गरिब बनाओलगेल कहैत प्रधानमन्त्री खनाल विद्यमान प्राकृतिक स्रोत आ साधनसभहक समुचित उपयोग आ विकास करैत देशके समृद्धितर्फ आगु बढाबय सकयके बतौलनि ।
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