Saturday, October 15, 2011

प्रेमीके इंजिनियरिङ्ग पढाबय प्रेमिका देलिह अपने भाइके अपहरण करयके दवाव


२८ आसिन जनकपुरधाम । धनुषाक बिन्धि गाविस वाड नम्बर ८ के रुवी चौधरी महोत्तरी लोहारपटीके अपन प्रेमी नुर महम्मद नदाफके पढाई खर्चके लेल अपने पिषीके तीन वर्षक बेटा रितिक ठाकुरके अपहरण करय लगौलक अछि ।

जिल्ला प्रहरी कार्यालय धनुषामे अपहरणकारी पत्रकार समक्ष देने बयान अनुसार बितल आसिन २१ गते शनिदिन दिनके एक बजेके समयमे रुवी अपन घरमे आएल पिषीके बेटा रितिकके घरसँ बाहर आनि कऽ अपन प्रेमी नुर मोहम्मद नदाफके जिम्मा लगौने छल । ओइके बाद नदाफ बच्चाके ४ दिन धरि अपने नियन्त्रणमे राखि पचास लाख रुपैया फिरौती माँग  केने छल । रुवीके निर्देशन अनुसार अपने बच्चाके अपहरण केने नदाफ स्विकारने अछि । ओ पत्रकार समक्ष बतौलक जे, ‘रुवीएके कहलाबाद हम ओकर पिषिके बेटाके अपहरण केली ।अपहरण केलाबाद प्रेमीका रुवी किछ नहि हाएत, सब ठिक भऽ जाएत कहलाबाद बच्चाके पहिल दिन जिल्लाके गोदारमे रहल अपन साथी रितेश जैसवालके घरमे रखने बतौलनि । अहिना दोसर दिन श्रीरामपुरमे रहल साथी सत्रुघन शर्माके घरमे रखने, तेसर दिन शत्रुघनके भौजीके घरमे रखने तथा मंगलदिन २४ गते जनकपुरक कवर्ड हल लग  रखने बतौलनि । रुवी बच्चाके घरसँ सब जानकारी दैत गेलाबाद ओ फोनसँ फिरौती माँग केने स्विकार केलक अछि ।

एम्हर अपहरित बच्चाके परिवार पुलिसक सहयोगमे जनकपुरक कवर्ड हलसँ बुधदिन २५ गते भिन्सर बच्चाके अपहरण मुक्त कराबय सफल भेल अछि । जिल्ला प्रहरी कार्यालय धनुषामे बुधदिन आयोजित पत्रकार सम्मेलनमे बजैत प्रहरी उपरिक्षक हरिबहादुर पाल भिन्सर बच्चाके परिवारजन सँगे गेल पुलिस नदाफके गिरफ्तार केने बतौलनि । गिरफ्तार भेल नदाफसंग रहल एक थान पेस्तौल, ओइमे लागयबला दु टा गोली आ दु टा मोवाईल बरामद केने ओ बतौलनि । नदाफ देने बयानके आधारमे रुवीके गिरफ्तार केलाबाद अपहरण करयके रहस्य खुजल अछि ।

पत्रकार सम्मेलनमे अपहरणके योजनाकार रुवी चौधरी कहलिह जे, “हमर साथी नदाफके पढ्य लेल पैसा नहि भेलासँ अपने पिषीके बेटाके अपहरण कऽ क फिरौती असुलयके सल्लाह देलिह ।अपन भाईके किछ नहि करयके मात्र पैसा लऽ क छोडयके योजना रहल ओ बतौलिह अछि ।

जनकपुरक प्राईभेट कलेज एस एम क्याम्पसमे पढैत आएल दुनु गोटे बिच बितल एक वर्षसँ प्रेम चलैत आबिरहल रुवी चौधरी बतौलिह । अपन प्रेमी नदाफके इंजिनियरिङ्गके पढाई पढाबय अपहरण करय दवाव देने रुवी स्विकार केलिह अछि ।

No comments:

Post a Comment

facebook Page Like

  • मनोरँजन